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मीणा समाज के पञ्च पटेलों की गुमसुदा की तलाश

~~~मीणा समाज पञ्च पटेलों के गुमसुदा की तलाश~~~
कुछ दिन पहले समाज के पञ्च पटेलों में समाज को आदर्श समाज बनाने की होड़ क्या मची की वे उस समय इतने सारे वादे कर गए की उन वादों के आगे तो मोदी के फेकू वादे भी कम पड़ गए!
*पंच पटेलों द्वारा किये गए कुछ वादे जिनको निभाने में रहे असमर्थ:-
1-शादियों में डीजे बन्द रहेगा
2-भात,जामणाऔर लग्न में 2 वेश अथवा एक परिवार के लोगो को वेश
3-मृत्यु भोज बन्द रहेगा
4-शराब पर पूर्ण पाबन्दी
5-चोरी पर रोक लगाने की कोशिश
6-दहेज पर रोक लगाने की कोशिश
इत्यादि ऐसे बहुत से वादे किये गए लेकिन हकीकत कुछ और ही निकल रही है!
*हकीकत:-
1-पञ्च पटेलों का कही जोर लगा या नही पर डीजे पर पूरा जोर दिया बन्द करवाने के लिए लेकिन बेचारे असमर्थ रहे
गांव हो या शहर गरीब(कमजोर) व्यक्ति को तो महाशयों ने डीजे तो क्या एक छोटा सा स्पीकर तक नही चलाने दिया! यंहा तो इन्होंने फर्ज निभा ही दिया
लेकिन क्या करे बेचारे अमीर(ताकतवर,लठ्दारियो) के पास डीजे बन्द करवाने जाने सोच सपनो में भी नही देख सकते!
ताकतवर लोगो की शादियों में खूब डीजे चले है और चल रहे है लेकिन पटेल जी चुप चाप डर के कारण बस जीम कर ऐसे आ जाते जाने इनके पीछे कोई पहलवान इनको पीटने के लिए आ रहा हो!
खैर छोड़े पटेलों को चाय जो पीनी है इनके घर जाकर फिर क्यों बन्द करवाये डीजे फिर चाय भी तो बन्द हो जायेगी!
2-अब पटेल जी यंहा भी क्या करे समान स्तिथि यंहा भी रही जो कमजोर थे उनके यंहा वे ही 2 वेश आये लेकिन ताकतवर लोगो के हाल ही निराले है!
आज कल तो मांग भात और लग्न में वेश और रुपयो की कर रहे है कहते जनाब इतने रूपये जेब हो तो भात या लग्न लाओ वरना आना ही मत
लेकिन पटेलों को तो सांप सूंघ गया बोल ही नही सकते बेचारे
3-तिये और नुक्ते तो बंद कर ही दिए लेकिन बहुत जगह नया ही नियम निकाल लिया लोगो ने 12 वे दूसरे दिन नुक्ता करने लग गए अब तो चक्क पुआ पूड़ी बनावे है और कहते ह हम नुक्ता नही कर रहे ये तो सवामनी है! पटेल जी जीम कर घर बड़े आराम से कहते हुए आते है की सवामनी जोर की बनी
4-शराब ओह्ह यंहा तो पटेल जी देखना ही भूल गए शायद सिर्फ फेकू वादे के बाद शायद याददास्त चली ही गयी हो!
कुछ जगह शराब के ठेके बन्द करवाये लेकिन नतीजा कितना अच्छा निकला की 20-30 दिन ठेका बन्द करवा दिया या हटवा दिया!
ठेके वाले बड़े ही शातिर तरीके से कुछ दिन बन्द करने के बाद थोड़ी दूर ही दुबारा बड़े आराम से बेच रहे है!
पटेल जी अब क्यों रोकेंगे भई उनको फ्री में दारु मिल जाती है(कुछ पटेलों के लिए)
5-चोरी पर तो रोक पटेल जी पर कभी लगी ही नही थी चोर तो बड़े आराम से घूमते है पटेलों को पता होने के बावजूद चुप्पी शादे बैठे ह!
अभी कल ही मेरे गांव में आदिवासी देवस्तान नाहर सिंह बाबा के यंहा से चोरी हो गयी लेकिन पटेलों की तो साहब आदत बिगड़ ही चुकी है पता होने की बावजूद चुप्पी!
आये दिन मोटरसाइकिल चोरी होती लोगो की हर गाँव के पटेलों को पता होता है अपने गांव में कौन लड़का कैसा है कौन चोरी कर सकता है लेकिन कभी उसे रोकने या दण्ड देने तक की कोशिस भी नही करते!
6:-  लड़का=लड़की+दहेज़
इसको तो पटेल जी ही समर्थन दे रहे है अपने बेटे की बोली इस इस तरह लगाते है जैसे कोर्ट ने उसे नीलाम करने का आदेश दे दिया हो!
अपने मान सम्मान के चक्कर में मर्यादा भी भूल जाते है आज ग्वार से ग्वार लड़के की 5 लाख और एक मोटरसाइकिल के साथ फूल जेवर की बोली लगती है!
नोकरशाहीयो(ताकतवर,सरकारी नोकरी) वाले तो जनाब 10-30 लाख तक की बोली लगा रहे जैसे रूपये तो पेड़ कर ही लटक रहे हो
यदि कोई कस्टम,आईएएस या Ras अथवा नोकरी के उचे होदे पर तो महाशय करोड़ो में बिकते है!
बेचारे गरीब की तो शामत आ गयी करे भी तो क्या करे एक तो गरीबी से मरा हुआ ऊपर से समाज के पटेल जीने नही देते!
खैर मै ज्यादा लम्बा नही लिखूंगा
मेरा निवेदन की कृपया इन पञ्च पटेलों की खोज करके आदर्श समाज बनाने का कष्ट करे
साथ ही अच्छे पदों पर जो नोकरी लगे वे प्लीज अपनी बोली बंद करवाये रूपये तो आप ही काफी कमा लोग फिर बेटी वाले पर किस बात का जोर लगाते हो इस पर आप ही सुधार कर सकते है!
धन्यवाद
नोट:-मेरा मकसद किसी व्यक्ति विशेष के दिल को आघात करने का नही है,अतः इसे गलत रूप में ना ले
मेरा मकसद समाज की समस्या को समझाने का प्रयास मात्र है
आप सभी के विचार आमन्त्रित है
लेखक
#जयसिंह_नारेड़ा

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